वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व से विस्थापित हुए गरीब परिवारों को मिले मुआवजे में 1.28 करोड़ रुपए का बड़ा घोटाला सामने आया है। एचडीएफसी बैंक की रहली शाखा के तीन तत्कालीन कर्मचारियों पर 26 खाताधारकों के खातों से यह रकम हड़पने का आरोप है।
बैंक प्रबंधन की शिकायत पर पुलिस ने मंगलवार को तीनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। मामले में अभी और भी खातों की जांच चल रही है, जिससे घोटाले की रकम बढ़ने की आशंका है।
FD के नाम पर बीमा पॉलिसी की, खाली चेक से निकाले रुपए
वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व से विस्थापित किए जा रहे परिवारों के लिए सरकार ने मुआवजा राशि देने के लिए एचडीएफसी बैंक की रहली शाखा में खाते खुलवाए थे। जब इन खातों में मुआवजा राशि आई, तो बैंक के कर्मचारियों ने विस्थापितों की बिना अनुमति के एफडी (FD) करने के नाम पर उनकी बीमा पॉलिसी कर दीं। इसके अलावा, कई लोगों से खाली चेक लेकर रुपए निकाल लिए गए। धोखाधड़ी का खुलासा तब हुआ जब विस्थापित लोग अपनी जरूरत के लिए पैसे निकालने बैंक पहुंचे और उनके खाते खाली मिले।
बैंक प्रबंधन की शिकायत पर 3 कर्मचारियों पर केस
विस्थापितों से धोखाधड़ी का मामला सामने आने के बाद एसडीएम रहली और लीड बैंक प्रबंधक ने जांच कराई। कलेक्टर संदीप जीआर को सौंपी गई जांच रिपोर्ट में 26 खाताधारकों के खातों से 1 करोड़ 28 लाख 70 हजार रुपए की हेराफेरी की पुष्टि हुई। इसके बाद खुद एचडीएफसी बैंक के हेड क्लस्टर ऑफिसर प्रभात सक्सेना ने रहली थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने तत्कालीन कर्मचारी नितिन द्विवेदी, कार्तिक नायडू और राहुल भट्ट के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
इन खाताधारकों के साथ हुई बड़ी धोखाधड़ी
जांच में सामने आया है कि विस्थापितों के अलावा बैंक के अन्य ग्राहकों के साथ भी धोखाधड़ी की गई है। इनमें से कुछ प्रमुख नाम हैं…
- गिरधारी अहिरवार: 20,00,000 रुपए
- गोविंद सिंह राजपूत: 17,00,000 रुपए
- श्री संमति ट्रेडर्स: 13,00,000 रुपए
- द्रौपती गौंड: 9,40,000 रुपए
- महेन्द्र कुमार: 9,50,000 रुपए
- लखन गौंड: 7,50,000 रुपए
- गणेश गौंड: 7,00,000 रुपए
- मूलचंद अहिरवार: 6,55,000 रुपए
- सोनू गौंड: 4,93,000 रुपए
- विश्वकर्मा जी: 4,25,000 रुपए
पुलिस बोली- मामला दर्ज कर जांच शुरू
रहली थाना प्रभारी सुनील शर्मा ने बताया, “एचडीएफसी बैंक शाखा रहली के तीन कर्मचारियों के खिलाफ शिकायत मिली थी। शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच में लिया है। मामले में बैंक के खाताधारकों के खातों से बड़ी राशि का गबन किया गया है।”