टीकमगढ़ में खाद वितरण की समस्या को आसान करने के लिए जिला प्रशासन ने नई रणनीति बनाई है। इसके तहत किसानों को 17, 18 और 19 अक्टूबर को खाद के टोकन बांटे जाएंगे। वहीं 22 से 25 अक्टूबर तक खाद का वितरण किया जाएगा। यह व्यवस्था भीड़ को नियंत्रित करने और किसानों को सुविधाजनक तरीके से खाद उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लागू की गई है।
जनप्रतिनिधियों और किसान नेताओं से बातचीत के बाद हुआ फैसला
कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने गुरुवार को बताया कि पिछले चार दिनों से जनप्रतिनिधियों और किसान नेताओं के साथ बातचीत के बाद यह निर्णय लिया गया है। सभी के सुझावों के आधार पर टोकन व्यवस्था लागू करने का फैसला हुआ है। यह सुविधा डी.ए.पी./एन.पी.के (अन्नदाता) खाद की नकद खरीद करने वाले किसानों के लिए है।
आधार कार्ड और ऋण पुस्तिका साथ लाना जरूरी
टोकन 17, 18 और 19 अक्टूबर को सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक नजदीकी सहकारी समितियों पर बांटे जाएंगे। टोकन लेने के लिए किसानों को अपना आधार कार्ड और ऋण पुस्तिका साथ लानी होगी। समिति पर किसानों की कृषि भूमि के रकबे के अनुसार खाद की मात्रा और उसे लेने की तारीख टोकन पर अंकित की जाएगी।
22 से 25 अक्टूबर तक मिलेगी खाद
खाद का वितरण 22, 23, 24 और 25 अक्टूबर को डबल लॉक गोदामों और मार्कफैड के गोदामों से किया जाएगा। किसान टोकन पर लिखी तारीख को गोदाम पर पहुंचकर, मूल टोकन जमा करने के बाद, पी.ओ.एस. मशीन पर अंगूठा लगाकर और नकद भुगतान कर खाद ले सकेंगे। हर गोदाम से प्रतिदिन लगभग 200 किसानों को खाद वितरित किया जाएगा। जिले में कुल 6 गोदामों से यह वितरण होगा।
इस नई व्यवस्था से नकद खाद खरीदने वाले किसानों को यह निश्चितता रहेगी कि उन्हें किस दिन खाद मिलेगा। साथ ही, वितरण केंद्रों पर अत्यधिक भीड़ और खाद मिलने की अनिश्चितता जैसी परेशानियों से भी बचा जा सकेगा। यह सुविधा विशेष रूप से टीकमगढ़ जिले के किसानों के लिए बनाई गई है।