दमोह जिले के पथरिया जनपद कार्यालय में कर्मचारियों की लापरवाही और मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) की अनुपस्थिति को लेकर जनप्रतिनिधियों में भारी नाराजगी है। जनपद अध्यक्ष खिलान अहिरवाल ने यहां तक कहा है कि “हम कुत्ते की तरह भोंकते हैं और सीईओ सुनते नहीं।”
जनपद अध्यक्ष खिलान अहिरवाल ने बताया है कि लोग अपनी समस्याएं लेकर कार्यालय आते हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं होती। सीईओ मनमाने समय पर कार्यालय पहुंचते हैं और अक्सर पंचायतों में निकल जाते हैं।
इससे वे कार्यालय में उपलब्ध नहीं रहते। इससे आम जनता को परेशानी होती है। उन्होंने एक युवती का उदाहरण दिया, जिसने बताया कि वह तीन-चार दिन से चक्कर काट रही है, लेकिन अधिकारी नहीं मिल रहे।
निवासी खरगराम पटेल ने भी कार्यालय की अव्यवस्थाओं पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि 2005 में जब वे जनपद सदस्य थे, तब भी यही कर्मचारी यहां कार्यरत थे और आज भी वही हैं। इस कारण उनकी मनमानी चल रही है। कर्मचारियों के तबादला नहीं होते और वे यहीं पदोन्नति पाकर अपनी पूरी नौकरी कर रहे हैं।
पटेल ने मंत्री, कलेक्टर और सीईओ से जनपद की व्यवस्थाएं सुधारने का आग्रह किया है। उन्होंने यह भी बताया कि सुबह 11:30 बजे कार्यालय पहुंचने का समय है, लेकिन 11:40 बजे के बाद भी कार्यालय में केवल चार कर्मचारी ही मौजूद थे।
सीईओ ने आरोप नकारे
इस मामले में जनपद सीईओ केके पांडे का कहना है कि वे प्रतिदिन कार्यालय आते हैं और अभी भी कार्यालय में ही हैं। उन्होंने दावा किया कि वे अपने जनप्रतिनिधियों की पूरी बात सुनते हैं और उनका सम्मान करते हैं।