दमोह जिला अस्पताल में असामाजिक तत्वों की बढ़ती गतिविधियों के कारण मरीजों और उनके परिजनों को हो रही परेशानी के मद्देनजर कोतवाली पुलिस ने विशेष निगरानी शुरू कर दी है। पुलिस की सक्रियता से अब अस्पताल परिसर में असामाजिक तत्व दिखाई नहीं दे रहे हैं।
अस्पताल में असामाजिक तत्वों ने अपना डेरा जमा लिया था, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले भोले-भाले मरीजों के परिजन परेशान थे। इन तत्वों द्वारा पैसों की मांग करने और शराबखोरी जैसी शिकायतें लगातार पुलिस तक पहुँच रही थीं।
हाल ही में कलेक्टर और एसपी ने भी अस्पताल का निरीक्षण किया था, जहाँ उन्हें इन असामाजिक तत्वों की स्थायी मौजूदगी और उनके द्वारा लोगों को परेशान करने की जानकारी दी गई थी।
अब कोतवाली पुलिस नियमित रूप से अस्पताल का निरीक्षण कर रही है। पुलिस टीमें रात में किसी भी समय अस्पताल पहुंचकर वहाँ मौजूद लोगों से पूछताछ करती हैं।
बुधवार-गुरुवार की रात करीब 2:30 बजे कोतवाली टीआई मनीष कुमार अपने पुलिस बल के साथ जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने पूरे अस्पताल का निरीक्षण किया और मरीजों के परिजनों से बातचीत कर उनकी समस्याएं जानीं।
मरीजों के परिजनों ने पुलिस को बताया कि पुलिस की सक्रियता के कारण अब अस्पताल के भीतर असामाजिक तत्व नजर नहीं आ रहे हैं, जिससे उन्हें काफी राहत मिली है।
यह भी बताया गया कि अस्पताल में निजी सुरक्षा एजेंसी के गार्ड तैनात हैं, लेकिन वे असामाजिक तत्वों को रोकने में नाकाम साबित हो रहे थे। इसी कारण पुलिस ने स्वयं यह जिम्मेदारी संभाली है।
टीआई मनीष कुमार ने बताया कि जिले भर से लोग अपने परिजनों के इलाज के लिए यहाँ आते हैं, और कुछ तत्व उन्हें बेवजह परेशान करते हैं। ऐसे तत्वों पर सख्ती बरतने के लिए यह निगरानी की जा रही है, जो आगे भी जारी रहेगी।
