रीवा में पिछले चार दिन से आमरण अनशन पर बैठे बस मालिक संतोष तिवारी ने अब अनशन खत्म कर दिया है। पुलिस द्वारा न्याय का भरोसा दिलाए जाने के बाद उन्होंने यह फैसला लिया। जिले के कलेक्ट्रेट परिसर के सामने बीते कई दिनों से वे आमरण अनशन पर बैठे थे।
पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने धरना स्थल पर पहुंचकर संतोष कुमार तिवारी को आश्वासन दिया। नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) डॉ. रितु उपाध्याय और सिविल लाइन थाना प्रभारी पुष्पेंद्र मिश्रा भी मौके पर पहुंचे। जहां उन्हें जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया गया।
पुलिस बोली- होगी निष्पक्ष जांच
डॉ. उपाध्याय ने अनशनकारी को आश्वस्त किया कि सोमवार को दोनों पक्षों के सभी रिकॉर्ड एकत्रित कर निष्पक्ष जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी बसों को सामने लाया जाएगा और मामले में उचित कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
संतोष कुमार तिवारी ने कहा कि पुलिस के भरोसे और प्रशासन की सकारात्मक पहल को देखते हुए उन्होंने आमरण अनशन खत्म करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा, “मैंने पुलिस के आश्वासन पर अनशन समाप्त किया है, लेकिन अगर न्याय नहीं मिला तो फिर से मजबूर होकर आमरण अनशन शुरू करूंगा।”
मौजूद लोगों ने की प्रशासन की सराहना
इस दौरान मौके पर स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की भी भीड़ मौजूद रही, जिन्होंने संतोष तिवारी के हौसले और प्रशासन की तत्परता की सराहना की।
अब जान लीजिए पूरा मामला
दरअसल यह पूरा मामला दो बस ऑपरेटर्स की आपसी लड़ाई से जुड़ा हुआ है। जहां वैष्णो ट्रेवल्स के संचालक (संतोष तिवारी) के द्वारा भवानी ट्रेवल्स के संचालक पर उनकी एक बस को अपने कब्जे में लिए जाने और उसे न लौटाने के आरोप लगाए हैं।
बस संचालक के धरने से आया सुर्खियों में
यह मामला काफी समय से चला आ रहा है। लेकिन सुर्खियों में तब आ गया जब बस संचालक के द्वारा धरना शुरू कर दिया गया। हालांकि, जिस पर आरोप है उस भवानी ट्रेवल्स के संचालक दर्शन सिंह को रीवा के चोरहटा में बस में हुए पत्थरबाजी और हत्याकांड मामले में पुलिस ने आरोपी भी बनाया था। जिसमें एक डॉक्टर की मौत हुई थी।
