दमोह कृषि उपज मंडी में शनिवार को मध्य प्रदेश के पशुपालन राज्य मंत्री लखन पटेल ने किसानों को भावांतर योजना की जानकारी दी। उन्होंने किसानों से कहा कि यह योजना उनके हित में है और इससे उन्हें काफी लाभ होगा।
मंत्री पटेल ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उसे किसानों का दुश्मन बताया और कहा कि कांग्रेस के लोग योजना का विरोध करने के लिए किसानों को गुमराह कर रहे हैं।
लखन पटेल बोले- मैं किसान के नाते कह रहा भावांतर योजना लाभदायक है
मंत्री पटेल ने किसानों से स्वयं विचार करने का आग्रह किया कि भावांतर योजना उनके लिए फायदेमंद है या नुकसानदेह। उन्होंने जोर देकर कहा कि वह यह बात सिर्फ एक नेता या मंत्री के तौर पर नहीं, बल्कि एक किसान के रूप में कह रहे हैं, क्योंकि वह इस योजना के लाभों को समझते हैं।
उन्होंने सोयाबीन का उदाहरण देकर योजना समझाई। मंत्री ने बताया कि यदि खराब गुणवत्ता वाला सोयाबीन बाजार में 3500 रुपए प्रति क्विंटल बिकता है और समर्थन मूल्य पर नहीं बिक पाता, तो भावांतर योजना के तहत किसानों को उस दिन के मॉडल रेट (जैसे 4200 रुपए) के अनुसार 1128 रुपए प्रति क्विंटल का अतिरिक्त भुगतान मिलेगा। किसानों ने इसे ‘बहुत अच्छा’ बताया।
10 लाख से अधिक किसानों ने कराया रजिस्ट्रेशन
पटेल ने याद दिलाया कि उन्होंने 2017 में भी तत्कालीन वित्त मंत्री जयंत मलैया से निवेदन कर यह योजना शुरू करवाई थी, लेकिन तब कुछ लोगों ने इसका विरोध किया था। उन्होंने किसानों से अब इसके फायदे समझने का आग्रह किया।
मंत्री ने यह भी बताया कि समर्थन मूल्य पर अनाज बिकने में समय लगता है, जबकि भावांतर योजना में प्रक्रिया अलग है। उन्होंने बताया कि पूरे मध्य प्रदेश में 10 लाख से अधिक किसानों ने इस योजना के तहत पंजीकरण कराया है और किसानों को इसके प्रति सकारात्मक सोच रखनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि इस बार मक्का का सेल्टर नहीं बन पाया। अगली बार उसे भी भावांतर में शामिल करेंगे। चना को भावांतर में शामिल करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार ने तय किया है कि इस बार भावांतर योजना की राशि किसान के खाते में 15 दिन के भीतर पहुंचेगी।
पिछले बार इसमें कुछ गड़बड़ी हुई थी, लेकिन इस बार ऐसा कुछ नहीं होगा। इस मौके पर मंत्री पटेल के साथ मध्य प्रदेश के पूर्व वित्त मंत्री और दमोह विधायक जयंत मलैया और मध्य प्रदेश के पर्यटन और संस्कृति राज्य मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी के अलावा कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।