कटनी जिले में मंगलवार सुबह हुए बजरंग दल के पूर्व गौ सेवा प्रमुख नीलेश रजक हत्याकांड में नया मोड़ आ गया है। पुलिस ने वारदात के कुछ घंटे बाद ही संदिग्ध आरोपियों के ठिकानों पर दबिश दी। इस दौरान मुख्य आरोपी प्रिंस जोसेफ के घर छापे के वक्त उसके पिता ने फांसी लगाकर जान दे दी। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव फैल गया है और पुलिस बल तैनात किया गया है।
दिनदहाड़े बाइक सवार नकाबपोशों ने बरसाईं गोलियां
यह वारदात कैमोर थाना क्षेत्र के एसीसी गेस्ट हाउस के पास बड़ौदा बैंक के समीप मंगलवार सुबह करीब साढ़े 10 से 11 बजे के बीच हुई। पूर्व गौ सेवा प्रमुख नीलेश रजक जब किसी काम से बैंक के पास पहुंचे, तभी बाइक पर सवार दो नकाबपोश बदमाशों ने उन पर 5 से 6 राउंड फायरिंग की। गोलियां सिर और सीने में लगने से नीलेश गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत विजयराघवगढ़ अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
CCTV फुटेज से पुलिस ने की पहचान, दो आरोपी आए सामने
घटना के बाद कटनी पुलिस ने इलाके की घेराबंदी करते हुए CCTV फुटेज खंगाले। इसमें दो संदिग्धों की पहचान प्रिंस जोसेफ और अकरम के रूप में हुई। दोनों आरोपियों की तलाश में पुलिस ने देर शाम तक कई जगह दबिश दी। इसी दौरान प्रिंस जोसेफ के घर पुलिस पहुंची, जहां छापेमारी के दौरान उसके पिता ने खुदकुशी कर ली। इस घटना से माहौल और अधिक गर्म हो गया।
इलाके में तनाव, पुलिस ने बढ़ाई चौकसी
गोलीकांड और उसके बाद हुई आत्महत्या की घटना से कटनी और आसपास के इलाकों में तनाव का माहौल है। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने अतिरिक्त बल तैनात कर दिया है और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। वरिष्ठ अधिकारी हर पहलू से जांच में जुटे हैं और दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
हत्या की वजह अब भी अस्पष्ट, कई कोणों से जांच जारी
पुलिस का कहना है कि नीलेश रजक की हत्या के पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। प्रारंभिक जांच में किसी व्यक्तिगत या पुरानी रंजिश की संभावना से भी इनकार नहीं किया गया है। नीलेश रजक बजरंग दल के सक्रिय सदस्य रहे हैं और हाल के वर्षों में गौ सेवा से जुड़े रहे थे। वारदात के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है।