जबलपुर में 30 अक्टूबर से आरएसएस की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की तीन दिवसीय बैठक होगी। 30 अक्टूबर से 1 नवंबर तक होनी वाली बैठक में सर संघचालक मोहन भागवत सहित 407 कार्यकर्ता शामिल होंगे। इसके साथ ही 46 प्रांतों के संघ पदाधिकारी भी तीन दिवसीय बैठक में उपस्थित रहेंगे।
मंगलवार को आयोजित पत्रकारवार्ता को आरएसएस प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने संबोधित करते हुए कहा कि जबलपुर में पहली बार ये बैठक हो रही है।
आरएसएस के प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने बताया कि देशभर में शताब्दी वर्ष मनाया जा रहा है, देशभर में हिंदू सम्मेलन भी किया जाएगा, इसमें युवाओं के लिए भी विशेष कार्यक्रम चलाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि स्थानीय स्तर पर बस्ती और मंडल के स्तर पर हिंदू सम्मेलनों का आयोजन होगा।
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के अखिल भारतीय कार्यकारिणी मंडल की बैठक में देश की सामाजिक हालातों पर चिंतन होगा। इसमें बस्ती-मंडल स्तर पर होने वाले हिंदू सम्मेलन की कार्ययोजना पर बात होगी। इसके अलावा शताब्दी वर्ष पर प्रारंभ होने वाले सघन गृह संपर्क अभियान पर चर्चा की जाएगी।
सरसंघचालक समेत सरकार्यवाह, सहकार्यवाह के अलावा अखिल भारतीय पदाधिकारी और प्रांत के पदाधिकारियों समेत 407 लोग इस बैठक में शामिल होंगे। 30 अक्टूबर से एक नवंबर के बीच तीन दिवसीय यह बैठक होगी। संघ की बैठक में शताब्दी वर्ष के दौरान सघन गृह संपर्क अभियान चलेगा। जिसमें विशिष्टजनों से संपर्क किया जाएगा।
इसके अलावा हिंदू धर्म के लिए त्याग बलिदान देने वाले गुरु तेग बहादुर के 350वीं शहीदी वर्ष पर विशेष साहित्य और कार्यक्रम तय होंगे। इसी तरह भगवान बिरसा मुंडा की भी 15 नवंबर को 150वीं जयंती है। इन पर भी विशेष साहित्य और कार्यक्रम पर बैठक में चर्चा होगी। उन्होंने बताया कि युवाओं को संघ से विशेष रूप से जोड़ने के लिए विशेष आयोजन होंगे। पंच परिवर्तन के कार्यक्रम से प्रेरित संस्था,व्यक्तियों, मठ, मंदिरों, सामाजिक शैक्षणिक संस्था से शताब्दी वर्ष के दौरान संपर्क किया जाएगा। यह व्यापक अभियान होगा इसके लिए स्तर पर संपर्क किया जाएगा। तीन दिवसीय बैठक में समाज जीवन पर होने वाली बातों के अलावा देश की सुरक्षा जैसे विषयों पर भी चिंतन किया जाएगा।