टीकमगढ़ में ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (आरईएस) विभाग में टेंडर प्रक्रिया में अनियमितताओं का मामला सामने आया है। शहर के आरटीआई कार्यकर्ता शुभम व्यास ने इस संबंध में पीएमओ सहित कलेक्टर कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने पहले भी शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई थी।
शुभम व्यास ने आरोप लगाया है कि प्रभारी कार्यपालन यंत्री अर्पित चौधरी और निविदा लिपिक ने ऑफलाइन निविदाएं आमंत्रित कर नियमों का उल्लंघन किया और शासन को भारी आर्थिक क्षति पहुंचाई। यह खुलासा सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत मिली जानकारी से हुआ है। आरोप है कि चहेते ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने के लिए सांठगांठ की गई।
शिकायतकर्ता के अनुसार, पीएम श्री विद्यालय योजना, खेल मैदानों, बास्केटबॉल, फुटबॉल, बैडमिंटन कोर्ट, मरम्मत और शौचालय निर्माण जैसे कार्यों में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं की गईं। शासन के नियमों के विपरीत ऑफलाइन निविदाएं बुलाकर आर्थिक लाभ अर्जित किया गया। आरटीआई जानकारी बताती है कि जहां अधिकांश कार्य ई-टेंडरिंग से 24 से 35 प्रतिशत कम दरों पर हुए, वहीं अजनौर, आचार्य धाम, कंजना, देरी, अनंतपुरा और स्यावनी जैसे गांवों में जानबूझकर ऑफलाइन निविदाएं आमंत्रित की गईं।
आरोप है कि एक ही योजना के तहत समान प्रकृति के कार्यों को छोटे-छोटे भागों में तोड़कर अलग-अलग ऑफलाइन निविदाएं बुलाई गईं, जबकि नियमों के अनुसार ऐसे कार्यों की एक ही निविदा जारी होनी चाहिए। उदाहरण के तौर पर, ग्राम अनंतपुरा और स्यावनी में पांच-पांच लाख रुपये के खेल मैदान निर्माण कार्यों को तीन भागों में बांटा गया। इसी तरह, अनुसूचित जाति सीनियर बालक छात्रावास चंदेरा और कन्या छात्रावास डुंडा में भी मरम्मत कार्यों की निविदाएं ऑफलाइन बुलाकर मनचाहे ठेकेदारों को दी गईं।
शुभम व्यास ने कलेक्टर टीकमगढ़ से बीते चार वर्षों में जारी सभी ऑफलाइन निविदाओं की विस्तृत जांच की मांग की है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि देवेंद्र खरे, शारदा कंस्ट्रक्शन और मां वैष्णो इलेक्ट्रिकल्स जैसी फर्मों को बार-बार अनुचित लाभ पहुंचाया गया है।