दमोह के जबेरा कृषि गोदाम में गुरुवार रात डीएपी खाद का हाफ रैक पहुंचने के बाद शुक्रवार सुबह से ही किसानों की भारी भीड़ जमा हो गई। किसानों को उम्मीद थी कि खाद का वितरण आज से शुरू हो जाएगा, लेकिन गोदाम प्रबंधन ने बताया कि मशीनों में डेटा अपलोड न होने के कारण वितरण शनिवार से होगा। इससे नाराज किसान सीधे तहसील कार्यालय पहुंचे और जमकर नारेबाजी की।
किसानों का कहना था कि जब खाद गोदाम में आ चुकी है, तो वितरण में देरी क्यों की जा रही है। उन्होंने बताया कि वे सुबह चार बजे से लाइन में लगे हैं और बोनी का समय सिर पर है। किसानों ने आशंका जताई कि मौसम कभी भी बिगड़ सकता है और यदि खाद नहीं मिली तो उनके खेत खाली रह जाएंगे।
किसानों को समझाने मौके पर पहुंचे अधिकारी
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए नायब तहसीलदार राजेश साहू मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसानों को समझाने का प्रयास किया कि जब तक खाद का डेटा मशीनों में अपलोड नहीं होगा, तब तक पीओएस मशीन से फिंगर वेरिफिकेशन के जरिए वितरण संभव नहीं है। उन्होंने शनिवार से टोकन के माध्यम से वितरण शुरू करने का प्रस्ताव रखा, लेकिन किसान आज ही खाद देने की मांग पर अड़े रहे।
आज 600 किसानों को टोकन जारी
किसानों की बढ़ती भीड़ और गुस्से को देखते हुए प्रशासन को झुकना पड़ा। इसके बाद शुक्रवार दोपहर को ही जनपद पंचायत जबेरा सभागार में डीएपी खाद के टोकन वितरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। पहले चरण में 600 किसानों को टोकन जारी किए गए, जबकि शेष किसानों को शनिवार और सोमवार को टोकन दिए जाएंगे।
वहीं, यूरिया और टीएसपी खाद का वितरण पहले से ही जारी है। प्रशासन ने किसानों को आश्वासन दिया है कि डीएपी खाद का वितरण अब पूरी तरह व्यवस्थित तरीके से किया जाएगा, ताकि रबी सीजन की बोनी में किसी भी किसान को कोई दिक्कत न हो।
किसानों ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि बोनी का समय निकल रहा है और खाद वितरण में हर देरी फसल पर सीधा असर डाल रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा बनी तो वे सामूहिक आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।

