दमोह और सागर जिले की सीमा पर स्थित वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व में शुक्रवार रात 153 काले हिरण छोड़े गए। इन हिरणों को शाजापुर के जंगलों से लाया गया है, जहां दक्षिण अफ्रीका से आई एक विशेष टीम ने हेलीकॉप्टर की मदद से उनका रेस्क्यू किया।
शाजापुर जिले के जंगलों में काले हिरणों की संख्या हजारों में पहुंच गई थी, जिससे स्थानीय किसान अपनी फसलों को हो रहे बड़े नुकसान से परेशान थे। किसानों की इस समस्या को विधानसभा में भी उठाया गया था।
किसानों की परेशानी को देखते हुए वन विभाग ने इन हिरणों को स्थानांतरित करने का निर्णय लिया। यह पहली बार है जब हिरणों के रेस्क्यू के लिए हेलीकॉप्टर का उपयोग किया गया है। इस कार्य के लिए दक्षिण अफ्रीका से एक विशेषज्ञ टीम बुलाई गई थी।
अफ्रीकी टीम ने शाजापुर के ग्रामीण क्षेत्रों में ‘बोमा’ तकनीक और हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल कर काले हिरणों को सफलतापूर्वक पकड़ा। हेलीकॉप्टर की मदद से उन्हें खदेड़कर एक निश्चित स्थान पर लाया गया, जहां से उन्हें सुरक्षित रूप से वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व और अन्य पार्कों में छोड़ा गया।
वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व के उपवनमण्डल अधिकारी बीपी तिवारी ने बताया कि शाजापुर जिले से अभी 153 काले हिरण लाए गए हैं और यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी। जैसे ही अन्य हिरण आएंगे उन्हें भी यहां पर छोड़ा जाएगा।
