सागर में आय से अधिक संपत्ति के मामले में अदालत ने फैसला सुनाया है। विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की कोर्ट ने सुनवाई करते हुए तत्कालीन सहायक समिति प्रबंधक (बेरखेड़ी सड़क) आरोपी अशोक कुमार दुबे को 5 साल के सश्रम कारावास और 70 लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है।
लोकायुक्त ने गोपनीय सत्यापन के बाद दर्ज किया था केस
जानकारी के अनुसार, सागर लोकायुक्त को आरोपी अशोक दुबे के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने संबंधी शिकायत मिली थी। शिकायत मिलने पर लोकायुक्त ने गोपनीय सत्यापन किया, जिसमें आरोपी द्वारा आय से अधिक संपत्ति अर्जित करना पाया गया। इसी आधार पर अपराध पंजीबद्ध कर जांच में लिया गया। मामले में न्यायालय से तलाशी वारंट लेकर टीम ने आरोपी के पैतृक मकान (ग्राम बसारी, तहसील गढ़ाकोटा) और राजीव नगर वार्ड (सागर) स्थित मकान की तलाशी ली और इन्वेंट्री तैयार की।
आय से 70% ज्यादा मिली थी संपत्ति
लोकायुक्त पुलिस को जांच के दौरान संकलित साक्ष्य व दस्तावेजों से यह प्रमाणित हुआ कि आरोपी ने चेक पीरियड में कुल 97 लाख 60 हजार 092 रुपए की आय अर्जित की, जबकि उक्त अवधि में कुल 1 करोड़ 66 लाख 66 हजार 026 रुपए व्यय किए। आरोपी के पास 69 लाख 05 हजार 934 रुपए की अनुपातहीन (आय से लगभग 70% अधिक) संपत्ति होना पाए जाने के बाद कोर्ट में अभियोग पत्र पेश किया गया।
साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने सुनाया फैसला
न्यायालय ने मामले में सुनवाई शुरू की। सुनवाई के दौरान अभियोजन ने मामले से जुड़े साक्ष्य व दस्तावेज कोर्ट में पेश किए। साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी अशोक कुमार दुबे को दोषी पाते हुए पांच साल के सश्रम कारावास और 70 लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है।