सागर जिले के जलंधर गांव में ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से शराबबंदी लागू करने का निर्णय लिया है। अब गांव में अवैध शराब बेचने वालो पर 51,000 रुपए और शराब पीते पाए जाने पर 5,100 रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। शराबबंदी को लेकर महिलाओं, स्कूली बच्चों और ग्रामीणों ने रैली निकाली और गांव में शराब न पीने व न बेचने की शपथ ली।
गांव के मुख्य मार्गों से होते हुए रैली रामजी सरकार मंदिर तक गई। करीब 500 ग्रामीणों ने मंदिर के सामने शराब न पीने और न बेचने की शपथ ली। रैली में ग्रामीणों ने हाथों में बैनर और पोस्टर रखे थे, जिनमें शराबबंदी का संदेश लिखा था।
बैठक में तय हुआ जुर्माना
शराबबंदी से पहले सरपंच छोटे चढार और ग्रामीणों के सहयोग से पूरे गांव की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि अगर कोई व्यक्ति शराब बेचते पाया गया तो उसे 51,000 रुपए जुर्माने के रूप में मां ज्वाला देवी मंदिर को दान करना होगा। वहीं, शराब पीते पाए जाने पर 5,100 रुपए की राशि दान करनी होगी।
ग्रामीणों और रिटायर्ड फौजी का योगदान
गांव में शराबबंदी की अलख रिटायर्ड फौजी विजेंद्र सिंह जाट ने ग्रामीणों के सहयोग से जगाई। गांव के वीरन यादव ने कहा कि हम लोग शराब नहीं बेचने के पक्ष में हैं। हमारे यहां अगर कोई शादी- विवाह होता है तो उनसे भी कह दो कि बारात में शराबी नहीं आएंगे। हमारे यहां शराब बंद है। तब जाकर हमारा प्रयास सफल होगा।
टीआई बोले- शराबबंदी के फैसले का स्वागत
पुलिस चौकी प्रभारी अनिल कुजूर ने कहा कि जलंधर गांव में शराबबंदी हुई। गांव वालों का मैं स्वागत करता हूं। कोई शराब बेच रहा है या शराब पीकर उत्पात मचा रहा है तो मैं उस पर कार्रवाई करूंगा।
कार्यक्रम में ग्राम के सरपंच छोटे चढार, मलिक तिवारी, देशराज यादव, धीरज यादव, खन्ना यादव, निरंजन सिंह और महेंद्र जैन सहित कई ग्रामीण मौजूद थे।