दमोह जिले के जबेरा ब्लॉक स्थित देवरी सड़क प्राथमिक स्कूल में दो शिक्षक एक साल से अनुपस्थित हैं। इनमें से एक शिक्षक को नियमित रूप से वेतन मिल रहा है। जबेरा जनपद पंचायत शिक्षा समिति के उपाध्यक्ष प्रतिनिधि डॉ. सुजान सिंह ने इस मामले का खुलासा करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी से शिकायत की है।
स्कूल रिकॉर्ड के अनुसार, दोनों अनुपस्थित शिक्षकों की उपस्थिति रजिस्टर में दर्ज नहीं है। उनके अवकाश संबंधी कोई मेडिकल या अन्य पत्र भी मौजूद नहीं है। इसके बावजूद, शिक्षक द्वारका चक्रवर्ती को हर महीने वेतन का भुगतान किया जा रहा है।
शिकायतकर्ता डॉ. सुजान सिंह ने बताया कि जब उन्होंने स्कूल का निरीक्षण किया, तो वहां केवल प्रभारी हेडमास्टर भोलाराम उपस्थित मिले। पूछने पर भोलाराम ने बताया कि राजेश पाड़िया और द्वारका चक्रवर्ती नामक दो अन्य शिक्षक भी स्कूल में पदस्थ हैं, लेकिन वे एक साल से नहीं आए हैं।
निरीक्षण के दौरान अटेंडेंस रजिस्टर में दोनों शिक्षकों की उपस्थिति नहीं मिली। डॉ. सुजान सिंह को जानकारी मिली कि द्वारका चक्रवर्ती दमोह में रहते हुए भी हर माह वेतन प्राप्त कर रहे हैं। दूसरे शिक्षक राजेश पाड़िया का वेतन तो नहीं निकल रहा, लेकिन वे भी स्कूल नहीं आते। राजेश पाड़िया को एक साल पहले भी इसी लापरवाही के लिए निलंबित किया गया था।डॉ. सुजान सिंह ने आरोप लगाया है कि स्कूल के प्रभारी भोलाराम और संकुल प्राचार्य मोहन सेन मिलकर वेतन पत्रक भरकर द्वारका चक्रवर्ती का वेतन निकलवा रहे हैं। उन्होंने इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत मिलने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी एसके नेमा ने कहा कि मामले की जांच के लिए एक टीम गठित की जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
यह हैरानी की बात है कि शिक्षकों के अध्यापन संबंधी भौतिक सत्यापन के लिए जन शिक्षक, बीएससी और बीआरसी जैसे अधिकारी होते हैं। जन शिक्षक को अपने संकुल के स्कूलों का नियमित निरीक्षण करना अनिवार्य होता है। इसके बावजूद, एक शिक्षक का बिना स्कूल जाए वेतन निकलना गंभीर लापरवाही और मिलीभगत का संकेत देता है।