दमोह जिला अस्पताल में एक गर्भवती महिला ने तीन प्रीमेच्योर शिशुओं को जन्म दिया है। इनमें दो बेटियां और एक बेटा शामिल हैं। तीनों नवजातों का वजन लगभग डेढ़ डेढ़ किलो है, जिसके कारण उन्हें जिला अस्पताल के एनएनसीयू (नवजात गहन चिकित्सा इकाई) वार्ड में विशेषज्ञों की निगरानी में रखा गया है। इनमें से दो शिशुओं को ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया है, जबकि एक शिशु की स्थिति सामान्य है।
तेंदूखेड़ा ब्लॉक के हर्रई तेजगढ़ निवासी 27 वर्षीय रेवती विश्वकर्मा को मंगलवार सुबह चार बजे प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिजन उन्हें तेजगढ़ उपस्वास्थ्य केंद्र ले गए, लेकिन प्रसव की जटिलता को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। सुबह 8:30 बजे रेवती ने सामान्य प्रसव से तीनों बच्चों को जन्म दिया।
रेवती के पहले से दो बेटियां हैं, जिनकी उम्र चार और दो साल है। महिला के चाचा ससुर धन कुमार विश्वकर्मा ने बताया कि सोनोग्राफी में पहले ही तीन बच्चों के जन्म की पुष्टि हो गई थी। इसी जानकारी के कारण वे समय पर रेवती को अस्पताल ले आए, जहां डॉक्टरों ने सुरक्षित प्रसव कराया।
जिला अस्पताल के डॉक्टर जलज बजाज ने जानकारी दी कि मां और तीनों शिशु सुरक्षित हैं, लेकिन वे प्रीमेच्योर हैं। लगभग आठ महीने में जन्मे इन शिशुओं का वजन करीब डेढ़ किलोग्राम है। उन्हें फिलहाल निगरानी में रखा गया है। डॉक्टर बजाज के अनुसार, यदि अगले दो-तीन दिनों में शिशु ठीक से फीडिंग करते हैं और किसी संक्रमण से बचते हैं, तो उन्हें जल्द ही घर भेजा जा सकेगा।
