देहदान या अंगदान करने वाले नागरिकों के पार्थिव शरीर को गार्ड ऑफ ऑनर दिए जाने के शासन के निर्णय के बाद मंगलवार को सागर की बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी में पहली बार देहदान किया गया। देहदान के दौरान पार्थिक शरीर को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। यह पहला मौका है जब बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में देहदान के दौरान गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया है।
जानकारी के अनुसार, सानौधा निवासी 87 वर्षीय रतन सिंह कुर्मी का निधन सोमवार को हो गया था। उन्होंने वर्ष 2020 में देहदान करने के लिए फार्म भरा था। उनकी आखिरी इच्छा थी कि उनकी देह बच्चों के काम आ सके। पिता के निधन होने के बाद उनके बेटे सुरेश कुर्मी और परिवार के लोगों ने देहदान करने का निर्णय लिया। बीएमसी प्रबंधन को सूचना दी। जिसके बाद मंगलवार को वे पिता की देह लेकर बीएमसी पहुंचे। जहां सम्मान के साथ उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। जिसके बाद देह को लिया गया।
समाजसेवा के काम करते थे रतन कुर्मी
बेटे सुरेश कुर्मी ने ने बताया कि पिता हमेशा सामाजिक कार्य करते रहे हैं। वे रेलवे में केबिनमैन के पद से रिटायर्ड थे। उन्होंने गांव में पानी की समस्या को दूर करने के लिए जमीन दान की थी। जिस पर कुएं का निर्माण कराया गया। वह लगातार समाजसेवा करते रहे थे। आखिरी समय में उन्होंने अपना शरीर भी दान कर दिया। ताकि भविष्य के डॉक्टरों को पढ़ाई में मदद मिले।
इससे समाज को प्रेरणा मिलेगी
बीएमसी के डीन डॉ. पीएस ठाकुर ने कहा कि सानौधा के रतनसिंह कुर्मी की देह दान की गई है। शासन के आदेशानुसार पार्थिक शरीर को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस कार्य से समाज को प्रेरणा मिलेगी। अंगदान और देहदान करने के लिए लोग प्रोत्साहित होंगे। लोगों को अंगदान और देहदान के लिए आगे आना चाहिए।
