पन्ना जिले के आमनगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज न मिलने के कारण 55 वर्षीय किसान अजय पाल सिंह की डॉक्टर के आवास के बाहर मौत हो गई। परिजनों ने बीएमओ डॉक्टर आशीष तिवारी पर नशे में होने और लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया।
सूचना मिलने पर अमानगंज पुलिस मौके पर पहुंची। बुधवार सुबह कलेक्टर के निर्देश पर इलाज में लापरवाही बरतने पर प्रभारी बीएमओ डॉ. आशीष तिवारी को बीएमओ के प्रभार हटा दिया गया है।
क्या है मामला
मृतक के भतीजे सुजय राजा ने बताया कि मंगलवार, 21 अक्टूबर को शाम करीब 7 बजे ग्राम डहर्रा निवासी अजय पाल सिंह को अचानक गैस का दर्द उठा। परिजन उन्हें तत्काल उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आमनगंज ले गए। हालांकि, ड्यूटी पर होने के बावजूद डॉक्टर आशीष तिवारी वहां मौजूद नहीं थे। इसके बाद परिजन मरीज को लेकर डॉक्टर के शासकीय आवास पर पहुंचे।
डॉक्टर के घर हुई मौत
परिजनों का आरोप है कि वे दवाएं और इंजेक्शन लेकर डॉक्टर के घर के बाहर खड़े रहे और उन्हें बुलाते रहे। इस दौरान डॉक्टर की पत्नी तीन बार बाहर आईं, लेकिन डॉक्टर बाहर नहीं आए। करीब 35 मिनट तक इंतजार करने के बाद किसान ने डॉक्टर की दहलीज पर ही दम तोड़ दिया। इसके बाद ही डॉक्टर बाहर निकले।
नशे में होने का आरोप
मृतक के भतीजे सुजय ने यह भी आरोप लगाया कि डॉक्टर आशीष तिवारी काफी नशे में थे। जब वह बाहर आए, तो उन्होंने मृतक के पुत्र रजऊ से बहस करना शुरू कर दिया। इस घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया। उनकी मांग है कि बीएमओ को हटाया जाए और संबंधित डॉक्टर पर मामला दर्ज किया जाए।
बीएमओ को प्रभार हटाया
कलेक्टर ऊषा परमार के निर्देश पर इलाज में लापरवाही बरतने पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अमानगंज के चिकित्सा अधिकारी और प्रभारी बीएमओ डॉ. आशीष तिवारी को बीएमओ के प्रभार से पृथक करने की कार्यवाही की गई है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा इस मामले में प्राथमिक जांच के आदेश भी दिए गए हैं। नायब तहसीलदार हेमंत कुमार अवधिया ने बताया कि मृतक अजयपाल सिंह के परिजनों की शिकायत पर चिकित्सक के विरुद्ध गाली गलौज और अभद्रता करने पर धारा 294 के तहत प्राथमिकी भी दर्ज की गई है।
