अखिल भारतीय ग्राहक सेवा पंचायत महाकौशल प्रान्त ने सोमवार को छतरपुर आरटीओ कार्यालय में एक शिकायत आवेदन सौंपा। इसमें बस संचालकों पर अवैध किराया वसूली और बस संचालन में अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
पंचायत ने आरोप लगाया है कि यात्रियों से मनमाने तरीके से अधिक किराया वसूला जा रहा है। बस स्टैंडों पर किराए की निर्धारित सूची प्रदर्शित नहीं की जाती, जिससे यात्रियों को सही जानकारी नहीं मिल पाती। इसके अलावा, टिकट देने में भी अनियमितताएं हैं और यात्रियों को अक्सर वैध टिकट नहीं दिए जाते, जिससे जीएसटी चोरी का संदेह भी है।
बिना अनुमति बस संचालन का भी आरोप
शिकायत में यह भी कहा गया है कि कई बसें बिना अनुमति के संचालित हो रही हैं, जिनमें पर्यटन के नाम पर चलने वाली अनधिकृत बसें शामिल हैं। कुछ बसें मालवाहक के रूप में चलाई जा रही हैं, जिससे यात्रियों की सुरक्षा को खतरा पैदा हो रहा है।
ग्राहक सेवा पंचायत की प्रमुख मांगों में परिवहन विभाग द्वारा सभी बसों की अधिकृत सूची सार्वजनिक करना शामिल है। उन्होंने अवैध टिकट बिक्री पर रोक लगाकर वैध टिकट जारी करने के निर्देश देने और बसों की फिटनेस, सुरक्षा उपकरण तथा रजिस्ट्रेशन की तत्काल जांच कराने की मांग की है।
त्योहारों पर ज्यादा किराया वसूला जा रहा
भारतीय ग्राहक पंचायत के सचिव शुभेन्द्र सिंह परिहार ने बताया कि पिछले डेढ़ से दो सालों से छतरपुर जिले के लोग बस संचालकों की मनमानी से परेशान हैं। त्योहारों पर विशेष रूप से अधिक किराया वसूला जाता है और यात्रियों को फर्जी टिकट दिए जाते हैं।
इस संबंध में आरटीओ अधिकारी मधु सिंह ने बताया कि प्रशासन के निर्देश पर लगातार चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने किराए की दरें स्पष्ट करते हुए कहा कि 7 किलोमीटर तक 1 रुपया और उसके बाद सवा रुपया प्रति किलोमीटर का किराया निर्धारित है, जबकि सुपर डीलक्स बसों का किराया अलग होता है। उन्होंने बस संचालकों के साथ बैठक कर इस मुद्दे पर चर्चा करने की बात कही।