रीवा जिले में पिछले दो दिन से चल रही तेज हवाओं और रुक-रुककर हो रही बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। धान की तैयार फसल खेतों में पसर गई, जिससे सैकड़ों किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। उधर जिन किसानों ने आधी फसल कटाई कर ले जाने के लिए खेतों में इकट्ठी की थी,वो भी बारिश की भेंट चढ़ गई।
हालांकि कृषि विभाग ने अब तक नुकसान का औपचारिक आंकलन नहीं किया है, लेकिन मनगवां, गुढ़, त्योंथर, सेमरिया और सिरमौर सहित कई इलाकों से धान की फसल सड़ने और बालियां काली पड़ने की खबरें सामने आई हैं।
धान की बालियां काली पड़ीं, अंकुरण का खतरा बढ़ा
मनगवां के सामाजिक कार्यकर्ता शिवानंद द्विवेदी ने बताया कि लगातार बारिश से खेतों में पानी भर गया है। धान की खड़ी फसल जमीन पर गिरने से सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। बालियां काली पड़ने लगी हैं और अंकुरण का खतरा बढ़ गया है।आलू और मटर जैसी फसलों पर भी असर पड़ सकता है।
‘पूंजी लगाई थी, अब सब चौपट हो गया’
कैथा ग्राम के किसान शैलेंद्र कुमार पटेल ने बताया मैंने दो एकड़ में धान की खेती की थी। आधी फसल की कटाई हो चुकी थी, तभी बारिश शुरू हो गई। बाकी फसल खेत में भीग गई, तेज हवा से गिर भी गई।अब पानी भरने से धान सड़ने लगी है। हमारी पूरी मेहनत बेकार चली गई। मुख्यमंत्री महोदय से निवेदन है कि जल्द से जल्द नुकसान का सर्वे करवा कर मुआवजा दिलाएं।
इसी तरह किसान सतानंद केवट ने कहा फसल पूरी तरह से चौपट हो गई है। अब तक न कोई अधिकारी आया, न कोई नेता।कृपया हमारी मदद की जाए, हम पूरी तरह बर्बाद हो चुके हैं।
विधायक ने प्रशासन को लिखा पत्र
उधर, मनगवां विधायक नरेंद्र प्रजापति ने जिला प्रशासन को पत्र लिखकर बारिश से प्रभावित किसानों को मुआवजा दिलाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि बेमौसम बारिश ने किसानों की फसलों को व्यापक नुकसान पहुंचाया है।प्रशासन तत्काल सर्वे कर राहत राशि जारी करे।
किसानों की मांग — तुरंत हो सर्वे और राहत राशि जारी
किसानों और किसान संगठनों ने जिला प्रशासन से फसलों की हानि का आकलन कर मुआवजा वितरण की मांग की है।फिलहाल मौसम विभाग ने आने वाले 24 घंटों में हल्की बारिश और बादल छाए रहने की संभावना जताई है, जिससे किसानों की चिंता और बढ़ गई है।