रीवा में डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सेमरिया का सोमवार को औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अस्पताल प्रबंधन को डिप्टी सीएम के आने की सूचना मिलते ही आनन-फानन में गंदे शौचालय की सफाई शुरू करनी पड़ी। उपमुख्यमंत्री वॉशरूम के पास गंदगी देखकर नाराज हुए और उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक वॉशरूम साफ नहीं हो जाता, वह आगे नहीं बढ़ेंगे और यहीं खड़े रहेंगे। इसके बाद मौके पर मौजूद अधिकारी-कर्मचारियों के हाथ-पांव फूल गए और तत्काल एसिड डालकर वॉशरूम की सफाई की गई।
वॉशरूम में गंदगी देख भड़के डिप्टी डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल के आने की सूचना मिलते ही अस्पताल प्रबंधन सफाई में जुट गया। इस बीच जब डिप्टी सीएम पहुंचे तो गंदगी की वजह से वॉशरूम से थोड़ी दूर पहले ही खड़े हो गए। वे गंदगी को देखकर नाराज भी हुए। इस दौरान पूर्व विधायक केपी त्रिपाठी और अन्य लोग भी उनके साथ खड़े रहे।
जितनी बार टूटे, उतनी बार डस्टबिन लगाओ इस पर अस्पताल प्रबंधन ने तर्क दिया कि, “कुछ लोग वॉशरूम में ही कचरा फेंक देते हैं, जिसकी वजह से जल निकासी बंद हो जाती है और पानी बहकर बाहर आने लगता है।”
इस पर डिप्टी सीएम ने उन्हें सुझाव दिया कि तत्काल कचरे का डिब्बा बाहर रखवाया जाए। जो भी व्यक्ति कचरा फेंकने आता है, उसे सुझाव दिया जाए कि कचरा डस्टबिन में ही डालें। इस पर अस्पताल वालों ने कहा कि लोग डस्टबिन तोड़ देते हैं। जिस पर उन्होंने कहा कि लोग जितनी बार तोड़ें, उतनी बार नई लगाओ। उसमें कोई दिक्कत वाली बात नहीं है।
