पन्ना जिले के पवई थाना क्षेत्र के सिमराखुर्द गाँव में एक जमीन विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। इस मामले में पुलिस द्वारा उचित कार्रवाई न होने का आरोप लगाते हुए, पीड़ित परिवार ने गुरुवार, 6 नवंबर को पुलिस अधीक्षक (एसपी) को ज्ञापन सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है। यह घटना 2 नवंबर को दिनदहाड़े हुई थी, जब तीन हमलावरों ने कुल्हाड़ी और लाठी-डंडों से परिवार के तीन सदस्यों – मां, बेटे और बड़े भाई पर हमला कर दिया।
आवेदक अनुज सिंह राजपूत ने एसपी को दिए अपने आवेदन में बताया है कि सुरेश सिंह, कोमल सिंह और शिवम सिंह राजपूत, सभी सिमराखुर्द निवासी, ने खेत के विवाद को लेकर उन्हें और उनके परिवार को अपशब्द कहे। जब परिवार ने इसका विरोध किया, तो मुख्य आरोपी सुरेश सिंह ने कथित तौर पर हाथ में ली कुल्हाड़ी से अनुज की मां श्रीमती हक्की बाई के सिर पर वार कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं।
हमले में बीच-बचाव करने आए अनुज सिंह और उनके भाई अर्जुन सिंह को भी लाठी-डंडों से गंभीर चोटें आईं। मौके पर मौजूद मर्री, रोजी, सरीफ खान और भरत सिंह ने उन्हें बचाया। श्रीमती हक्की बाई को एम.जी.एम. हॉस्पिटल रिसर्च सेंटर, कटनी में भर्ती कराया गया है, जहाँ डॉक्टरों ने उनके सिर में गंभीर फ्रैक्चर की पुष्टि की है।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि इतनी गंभीर चोट और कुल्हाड़ी जैसे धारदार हथियार के इस्तेमाल के बावजूद, पवई पुलिस थाना ने आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास (धारा 307) और गंभीर उपहति (धारा 326) पहुँचाने की धाराओं के बजाय, केवल साधारण मारपीट (धारा 323) की धाराओं में अपराध दर्ज किया है।
आवेदक का कहना है कि पुलिस के इस ढीले रवैये के कारण आरोपी अभी तक गिरफ्तार नहीं हुए हैं और वे दोबारा जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। पीड़ित परिवार ने अब पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि आरोपियों के खिलाफ उचित धाराओं में मामला दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

