भोपाल/जबलपुर:
भोपाल से जबलपुर को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण फोर लेन राष्ट्रीय राजमार्ग पर इन दिनों एक जानलेवा दृश्य देखने को मिल रहा है। किसानों ने अपनी मक्के की फसल को सुखाने के लिए हाईवे के बड़े हिस्से पर फैला दिया है। कई किलोमीटर तक फैली मक्के की यह परत वाहनों, खासकर मोटरसाइकिल सवारों के लिए बड़ा खतरा बन गई है।
दुर्घटना का भीषण खतरा
मक्के के दानों के ऊपर से गुजरने पर मोटरसाइकिलें अक्सर फिसल जाती हैं, जिससे गंभीर दुर्घटनाएं हो रही हैं। राहगीरों की शिकायत है कि इस लापरवाही के कारण यात्रियों की मृत्यु तक होने की संभावना है। हाईवे पर तेज रफ्तार के कारण मक्का अचानक सामने आने पर संतुलन बनाए रखना लगभग असंभव हो जाता है।
“मक्के के ऊपर से गाड़ी स्लिप हो जाती है। जरा सी चूक बड़े हादसे का कारण बन सकती है। प्रशासन को तुरंत इस पर ध्यान देना चाहिए।
“प्रशासन पर गंभीर सवालसवाल यह है कि आखिर इस जानलेवा स्थिति के लिए जिम्मेदार कौन होगा? किसान, जिन्होंने अपनी सुविधा के लिए फोर लेन हाईवे जैसे महत्वपूर्ण मार्ग का इस्तेमाल किया, या फिर प्रशासन या पुलिस प्रशासन, जिनकी निगरानी में यह सब हो रहा है?
NHAI (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) को इस अवैध कब्जे और खतरे की जानकारी नहीं है?
पुलिस प्रशासन: यातायात सुचारू और सुरक्षित बनाए रखने की जिम्मेदारी पुलिस की होती है, लेकिन इतनी बड़ी लापरवाही पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है?
यदि कोई बड़ी दुर्घटना होती है, तो इसकी जवाबदेही तय करना प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती होगी। स्थानीय लोगों ने उच्चाधिकारियों से तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की है ताकि इस ‘मक्का जाल’ से मुक्ति मिल सके और राहगीरों की जान सुरक्षित हो सके।
