सागर जिले की सुरखी विधानसभा के छोटे से गांव खमकुआं के रहने वाले यशपाल स्वर्णकार ने एमपीपीएससी में तीसरा रैंक हासिल की है। वे डिप्टी कलेक्टर बने हैं। रविवार को सुरखी पहुंचने पर लोगों ने उनका स्वागत किया। यशपाल ने तैयारी करने वाले लोगों को अपने लक्ष्य के प्रति ईमानदार रहकर धैर्य और लगन से काम करने पर जोर दिया।
यशपाल के पिता किसान हैं, वह अपने पैतृक गांव खमकुआं में खेती करते हैं। इससे पहले यशपाल दो बार एमपीपीएससी परीक्षा पास कर चुके हैं।
साल 2021 में परीक्षा देकर आडिट सेवा में चयनित हुए। जिसके बाद 2022 में जीएसटी इंस्पेक्टर पर चयनित हुए थे। यह उनका तीसरा चयन है। उन्होंने कहा कि लगातार प्रयास से यह हुआ है। यशपाल अपने परिवार में पहले सदस्य हैं, जिन्होंने सरकारी नौकरी हासिल की है।
इंदौर में रहकर की तैयारी
यशपाल ने अपनी शुरुआती पढ़ाई गांव के सरकारी स्कूल से की। कक्षा 9वीं से 12वीं तक की पढ़ाई उन्होंने शासकीय कृषि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सुरखी से पूरी की। जिसके बाद वे पढ़ाई करने के लिए इंदौर चले गए थे।
उन्होंने बताया बीएससी करने के बाद साल 2019 में एमपीपीएससी की तैयारी शुरू की थी। प्री व मेंस होने के बाद इंटरव्यू भी दिए। उनके पिता नरेश स्वर्णकार खेती करते हैं। वे दो भाई, दो बहन हैं। इसमें यशपाल सबसे छोटे हैं। परिवार ने उन्हें पढ़ाई के लिए इंदौर भेजा था। जहां रहकर तैयारी की।
डिप्टी कलेक्टर बनने के बाद यशपाल स्वर्णकार रविवार को सुरखी पहुंचे। जहां नगरवासियों ने गाजे-बाजे, फूल-मालाओं और मिठाइयों के साथ उनका भव्य स्वागत किया। यशपाल के पिता रामनरेश स्वर्णकार एक किसान हैं। उनका पैतृक गांव खमकुआ है। जहां परिवार की खेती-बाड़ी होती है। वर्तमान में परिवार सुरखी में रहता है।
सुरखी में यशपाल ने कहा कि
गांव से निकलकर इस मुकाम तक पहुंचना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। इसमें मेरे शिक्षकों, माता-पिता और परिजनों का अमूल्य सहयोग रहा। पांच प्रयासों के बाद मैंने यह सफलता हासिल की है। उन्होंने युवाओं को संदेश देते हुए कहा उम्मीद कभी न छोड़े। धैर्य और लगन से आगे बढ़े, प्रतिफल अवश्य मिलेगा। अपने लक्ष्य के प्रति ईमानदार रहें।