रीवा एयरपोर्ट पर पुलिस और व्यापारियों के बीच तीखी बहस और हंगामा हुआ। व्यापारियों ने पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाए और हाईवोल्टेज ड्रामा काफी देर तक चलता रहा। वरिष्ठ व्यापारी मनीष गुप्ता ने व्यापारियों की ओर से प्रतिनिधित्व किया।
व्यापारी डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला को ज्ञापन सौंपने एयरपोर्ट पहुंचे थे, लेकिन प्रशासन ने उन्हें रोक दिया। इसी बात को लेकर पुलिस और व्यापारियों में झड़प हुई। कुछ व्यापारी जमीन विवाद में समर्थन देने के लिए मौके पर पहुंचे थे।
40 साल पुराना जमीन विवाद
यह विवाद चोरहटा थाना क्षेत्र के 40 साल पुराने जमीन विवाद से जुड़ा है। जमीन का मामला पूर्व सीएसपी पन्नालाल और गुप्ता परिवार के बीच है। कमलेश गुप्ता ने बताया कि 22,000 स्क्वायर फीट जमीन 40 साल पहले खरीदी गई थी, लेकिन बिना सूचना के उनकी बाउंड्री गिरा दी गई। 5 नवंबर को घर में प्रोग्राम होने के कारण ध्यान नहीं दे पाए। इसके बाद जेसीबी मशीन से बाउंड्री गिरवाने के साथ कालम खुदवाकर पूर्व सीएसपी अपनी बाउंड्री बनवाने लगे।
गुप्ता परिवार ने आरोप लगाया कि पूर्व सीएसपी ने पुलिसिया रौब दिखाने की कोशिश की। हालांकि अब सहमति बनी है कि पटवारी बुलाकर जमीन की नापजोख कराई जाएगी।
पूर्व सीएसपी बोले- आरोप निराधार
पूर्व सीएसपी पन्नालाल ने अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों को निराधार बताया। उनका कहना था कि उनका कोई ऐसा कृत्य नहीं हुआ जो विरोध का कारण बन सके। थाना प्रभारी आशीष मिश्रा ने बताया कि दोनों पक्षों को शांति बनाए रखने की समझाइश दी गई। राजस्व अधिकारियों की मौजूदगी में विवाद का निपटारा कराया जाएगा।