रीवा के संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय (जीएमएच) के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में वरिष्ठ और कनिष्ठ चिकित्सकों के बीच चल रहा विवाद अब मंत्रालय तक पहुंच गया है। डॉक्टर पूजा गंगवार ने विभागाध्यक्ष (HOD) डॉ. बीनू सिंह के खिलाफ गंभीर आरोपों के साथ स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल से मुलाकात की है। वहीं, अस्पताल प्रशासन ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे 2 नवंबर को हुई एक मरीज की मौत की जांच से बचने का प्रयास बताया है।
डॉक्टर पूजा गंगवार ने आरोप लगाया कि विभागाध्यक्ष डॉ. बीनू सिंह की कार्यशैली, व्यवहार और अनुशासनहीनता के चलते विभाग में काम करना बेहद कठिन हो गया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अस्पताल में मरीजों की मौत होती रहती है और मैडम डॉक्टर बीनू सिंह शादियों में और अन्य निजी कार्यक्रमों में व्यस्त रहती हैं।
स्वास्थ्य मंत्री से मिले डॉक्टर, सौंपी लिखित शिकायत श्याम शाह मेडिकल कॉलेज के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग के कई वरिष्ठ एवं कनिष्ठ डॉक्टरों ने स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल से भेंट की। उन्होंने HOD पर अमर्यादित व्यवहार, शत्रुतापूर्ण कार्य वातावरण बनाने और अनावश्यक दबाव जैसे गंभीर मुद्दों की लिखित शिकायत सौंपी। उनका कहना है कि लंबे समय से विभाग में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है, जिसकी वजह से चिकित्सा सेवा की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है।
मंत्री ने दिया जांच का भरोसा डॉक्टर पूजा के मुताबिक चिकित्सकों ने स्वास्थ्य मंत्री को बताया कि विभाग में अनुशासनहीनता और असहयोग की स्थिति लगातार बनी हुई है। मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने डॉक्टरों को भरोसा दिया कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं को किसी भी स्थिति में प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा।
प्रशासन का पलटवार: जांच से बचने के लिए दिया इस्तीफा वहीं दूसरी ओर, विभागाध्यक्ष डॉ. बीनू सिंह और अस्पताल प्रशासन ने डॉक्टर पूजा गंगवार द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। प्रशासन का कहना है कि 2 नवंबर को डॉ. गंगवार की ड्यूटी के दौरान एक प्रसूता की मौत का मामला सामने आया था, जिसके बाद उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया था।
7 नवंबर को 3 शिकायतें हुईं, उसी दिन इस्तीफा प्रशासन के अनुसार, इस मामले में 7 नवंबर को सीएम हेल्पलाइन पर तीन शिकायतें भी दर्ज हुईं। लेकिन डॉ. गंगवार ने स्पष्टीकरण का जवाब देने के बजाय उसी दिन (7 नवंबर) दोपहर में इस्तीफा दे दिया।
‘आरोप तथ्यहीन, जांच से बचने की कोशिश’ अस्पताल प्रशासन का यह भी कहना है कि मामले को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत किया जा रहा है। विभागाध्यक्ष पर लगाए गए आरोप न केवल तथ्यहीन हैं, बल्कि यह जांच से बचने की कोशिश भी हो सकते हैं। प्रशासन के अनुसार पूरी घटना का रिकॉर्ड उपलब्ध है और जांच में सारे तथ्य सामने आ जाएंगे।
डीन बोले- 3 डॉक्टरों ने दिया है इस्तीफा इस पूरे मामले पर मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. सुनील अग्रवाल ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बताया कि गायनी विभाग की डॉक्टर कल्पना यादव, सरिता सिंह और पूजा गंगवार ने निजी कारणों से इस्तीफा दिया है।
‘दो डॉक्टर निजी प्रैक्टिस भी करती हैं’ डीन ने कहा कि इनमें से दो डॉक्टर निजी प्रैक्टिस भी करती हैं, जो उनके इस्तीफे का एक कारण हो सकता है। डीन ने कहा कि अस्पताल प्रशासन द्वारा सभी आरोपों और शिकायतों की अलग-अलग जांच कराई जाएगी।
डॉक्टरों के दो गुट, जांच के बाद साफ होगी स्थिति लगातार उभर रही शिकायतों और आरोप–प्रत्यारोप के कारण जीएमएच का गायनी विभाग सुर्खियों में है। डॉक्टरों के दो गुटों के बीच बढ़ते मतभेद से विभाग का कार्य वातावरण प्रभावित हो रहा है, वहीं मरीजों की स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका भी बढ़ गई है। अब स्वास्थ्य विभाग की प्रस्तावित जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और विवाद का असली कारण क्या है।